Book -1 8ddbbb5c-d745-4df3-8406-e09a9700806c f8479741-9b7f-43e4-b673-2a9ae8cf10d6

सिंह राशी

       सिंह राशि

सिंह राशि
1) कालपुरुष की 5 वीं प्राकृतिक राशि

2) राशी स्वामी  – सूर्य

3) नक्षत्र  – माघा संपूर्ण 4पद , पुर्वफाल्गुणी संपूर्ण 4पद, उत्तरफाल्गुणी1pad

4) स्वभाव – स्थिर राशि

5) तत्व – अग्नि राशि

6) दिशा-पूर्व

picsart_10-22-05-34-29

7) स्थान – पहाड़ों, गुफाओं, वन, जंगलों, उच्च स्थान, रेगिस्तान, कठिन क्षेत्र

8)  उदय विधि — शिर्षोदय राशी

9) दोष-पित्त

10) शरीर के अंग- नाभी के नीचे पेट

11) कद – लंबा

12) लिंग -पुरुष , राशी – विषम राशी

13) बंजर राशि

14) मूला  या अर्ध-संवेदनशील राशि

15) वश्य – चतुष्पद/वनचर

16) वर्ण -क्षत्रिय

17)सूर्य  की मूलत्रिकोना राशि

18)सिंह राशी किसी ग्रह की उच्च या नीच राशी नहीं है।

19) मित्र ग्रह – चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति

20) तटस्थ ग्रह – बुध

21) शत्रु ग्रह – शुक्र, शनि

22) व्यवहार–  सशक्त, अहंकार, आत्मविश्वासी, राजा की तरह व्यवहार करने वाला, करिश्माई व्यक्तित्व, बहुत महत्वाकांक्षी, स्वतंत्रता प्रेमी, भीड़ में भी अपनी उपस्थिती का अहसास कराने वाला, साफ हृदय वाला, साहसी, ईर्ष्यालु, उच्च गुस्सा वाला,हिंसक जब गुस्सा हो, आलसी लेकिन गुस्सा मे पूर्ण आक्रामक , खोजी

23)दिन मे बली

24) होराशास्त्र के अनुसार
सिंहः सूर्याधिपः सत्वी चतुष्पात् क्षत्रियो वनी।
शिर्षोदयी वृहदगात्रः पाण्डुः पूर्वेड्द्युवीर्यवान।।

सुर्य के अधिपत्य वाला सिंह राशी सात्विक, चतुष्पद, क्षत्रिय, वनचर, शिर्षोदयी, लंबा शरीर वाला,पुर्व दिशा और दिन मे बली होता है। ।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *